नई दिल्ली।
कांग्रेस पार्टी के नेता जयराम रमेश ने जो बयान गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार मिलने पर दिया है वह निंदनीय है और पब्लिक पोलिटिकल पार्टी उसकी घोर निन्दा करती है। साथ ही मांग करती है कि जयराम रमेश अपने बयान के लिए माफ़ी मांगते हुए उसे वापस लें। पब्लिक पोलिटिकल पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि जयराम रमेश का बयान अवांछित,अनैतिक और कुंठित मानसिकता वाला है और समस्त भारतीयों की भावनाओं को आहत करने वाला है।
पार्टी कार्यालय से पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती दीपमाला श्रीवास्तव ने कहा है कि कांग्रेस के नेता जयराम रमेश को अपने बयान के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए उन्हें सोचना चाहिए था कि जब राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गीता प्रेस को नामित करने जैसा कदम उठाते हैं तो फिर जयराम के इस तरह के बयान का औचित्य क्या है।
श्रीमती दीपमाला श्रीवास्तव ने बताया कि गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा रविवार को हुई जिस पर देश के सभी वरिष्ठजनों ने, नेताओं, साहित्यकारों आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की, लेकिन कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर इस पुरस्कार के लिए गीता प्रेस के नाम के चयन पर आपत्ति जता दी। जो निंदनीय है।
उन्होंने लिखा है कि गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार देना वास्तव में एक उपहास है और यह गोडसे व सावरकर को सम्मानित करने जैसा है। उनके इस बयान की पब्लिक पॉलीटिकल पार्टी तो निंदा करती ही है, बल्कि पूरे इंटरनेट मीडिया पर निंदा की जा रही है। और तो और कांग्रेस पार्टी के भी अन्य दिग्गज नेताओं ने इसे अनुचित करार दिया है।
पार्टी अध्यक्षा ने कहा कि भारत में लगभग हर घर में रामचरितमानस और श्रीमद् भगवद गीता है। साथ ही इनका प्रकाशन करने वाली गीता प्रेस का भी लोगों के मन में सम्मान और महत्व है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टी के ज़िम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को इस तरह के धर्म विरोधी और कुंठित मानसिकता वाले बयान नहीं देने चाहिएं।

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