नई दिल्ली।
राष्ट्रहित और सवर्ण समाज की पब्लिक पोलिटिकल पार्टी ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें उसने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के दुरुपयोग का उदाहरण बताते हुए दो भाइयों के ख़िलाफ़ संपत्ति विवाद को लेकर दायर मामले को रद्द कर दिया और कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एससी/एसटी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत झूठे मामले आपराधिक न्याय प्रणाली में रुकावट बन रहे हैं।
पब्लिक पोलिटिकल पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती दीपमाला श्रीवास्तव ने कहा कि एससी-एसटी अधिनियम का दुरुपयोग किया जाता है और इसका सहारा लेकर न्याय प्रणाली को प्रभावित करने की कोशिशें की जाती हैं।
कर्नाटक हाईकोर्ट का यह फ़ैसला एससी-एसटी
अधिनियम के प्रावधानों और आईपीसी के तहत दंडात्मक प्रावधानों के दुरुपयोग का एक उदाहरण बनेगा।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा है कि यह ऐसे मामले हैं जो न्यायालयों का काफी समय बर्बाद करते हैं, चाहे वह मजिस्ट्रेट न्यायालय हो, सत्र न्यायालय हो या यह न्यायालय हो। न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने रसिक लाल पटेल और पुरूषोत्तम पटेल द्वारा दायर एक याचिका पर फ़ैसला देते हुए कहा कि ऐसे झूठे मामलों की वजह से वास्तविक केसों को समय नहीं मिल पाता है। उनके वादियों को परेशानी होती है। उन्हें न्याय के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है।
ज्ञात रहे कि इस मामले में शिकायतकर्ता पुरूषोत्तम का आरोप था कि याचिकाकर्ताओं ने उसके पिता और चाचा द्वारा संयुक्त रूप से खरीदी गई संपत्ति के रिकॉर्ड में जालसाजी की और कब्ज़ा कर लिया। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि सभी लेनदेन शिकायतकर्ता के पिता और याचिकाकर्ताओं के पिता के बीच उनके जीवनकाल के दौरान हुए थे। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे पिछले लगभग 50 वर्षों से विषय संपत्ति पर काबिज हैं। याचिकाकर्ताओं की संपत्तियां और शिकायतकर्ता के पिता के हिस्से की संपत्तियां एक-दूसरे से सटी हुई हैं। इसके अलावा यह तर्क दिया गया कि मामला पूरी तरह से नागरिक प्रकृति का है लेकिन इसे अपराध का रंग देने की कोशिश की जा रही है।
न्यायमूर्ति नागप्रसन्ना ने कहा कि जो मामला पूरी तरह से नागरिक प्रकृति का है, उसे अपराध का रंग देने की कोशिश की जा रही है,
अदालत ने कहा है कि आपराधिक मामले को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
पब्लिक पोलिटिकल पार्टी ने स्पष्ट कहा है कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने ये फैसला देकर उस सच्चाई को उजागर किया है जो आजकल एससी-एसटी अधिनियम के दुरुपयोग की हो रही है। पब्लिक पोलिटिकल पार्टी न्यायालय का धन्यवाद करती है और उसके फ़ैसले को स्वागत योग्य करार देते हुए इसकी प्रशंसा करती है।

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